चाइना के मोबाइल फोन वाकई में इतने बढ़ीया है जिसकी भारत में इतनी माँग है या लोगो को चुना लगाया जा रहा है? आइए जानते है।

 

चाइना के सामान भारत में बहुत बड़ी मात्रा में बिकते है और भारतीय लोग चाइनीज माल को काफि वारियत भी देते है इसके पिछे कारण भी है कि चाइना के माल बाजार में बड़े सस्ते दाम पर उपलब्ध है। हालाकिं चाइनिज माल की कोई गारंटी नहीं है इसी कारण लोगो में जल्दी खराब हो जाने वाले सामान को चाइनीज समझने का अपवाद भी है। भारत का सायद ही कोई घर चाइनीज सामानो से अछूता रहा होगा। इसी वजह से 2021 में चाइना से भारत में $97.5 बिलियन का माल आयात किया गया जो 2020 के $66.7 बिलियन से 46 प्रतिशत ज्यादा है। यानी भारतीयों में चाइना के माल के प्रति रुझान बढ़ता ही जा रहा है।

चाइना की मोबाइल कंपनीया भारत में सबसे ज्यादा प्रसि़द्ध है और सबसे ज्यादा मुनाफा भी भारत से ही होता है क्योकि चाइना के फोन सस्ते दर पर सबसे अच्छी गुणवत्ता के फोन बनाती है और जिसे मध्यम वर्गीय व्यक्ति आसानी से खरीद सकता है पर क्या वाकई में चाइना के मोबाइल फोन फाइदेमंद है? या ग्राहको को फाइदा पहुँचाते है? आइए इसे गहराई से जानते है।

पहले जान लिजिए कि भारत में चाइना की कौन-कौन सी मोबाइल कंपनीया काम करती हैं या फोन बैचती है, इसमें शामिल है Lenovo, vivo, oppo, realme, oneplus, xiaomiA जो बड़ी मात्रा में भारत में मुनाफे का व्यापार करती है और लागो द्वारा सबसे ज्यादा पंसंद की जाती है। चाइना के फोन को भारत में बड़ी मात्रा में बैचने के लिए चाइना की कंपनीयो में बड़ी अच्छी चाल चली है या यू कहा जाए की बडी अच्छी रणनीति बनाई है जिससे लोग उनके फोन खरीदने को मजबूर हो जाए।

अगर आप कभी फोन खरीदने किसी मोबाइल की दुकान पर गए होंगे तो आपने भी सायद यह ध्यान दिया होगा कि चाइना कि कंपनीयो के दुकानदार के पास कई अलग अलग मोडल के फोन होते है, ध्यान दे मैने यँहा अलग-अलग कंपनीयो की बाजाय अलग-अलग मोडल शब्द का इस्तेमाल किया है और यही तो चाइनीज कंपनीयो की चाल है कि उसकी कंपनीयो के फोन ज्यादा से ज्यादा दिखे। जैसे xiaomi कंपनी का उदाहरण लेते है जिसके फोन भारत में सबसे ज्यादा बिकते है। ऐसा क्यों है? 

अगर आपको लगता है कि सस्ते और दिखने में आकर्षित होने के कारण ये फोन सबसे ज्यादा बिकते है तो ये सच नहीं है। दरअसल xiaomi जैसी कंपनी वक्त-वक्त पर नए-नए मॉडल के फोन मार्केट में निकालती रहती है भले ही बाहर से ये फोन आकर्षित और अलग लगे पर इन नए मॉडल में अंदर से ज्यादा कोई बदलाव नहीं रहता है, कंपनी पुराने मॉडल में थोड़ा सा बदलाव करके उसे एक नया मॉडल का नाम दे देती है और अगर आपने कभीxiaomi कंपनी के अलग-अलग मॉडल के फोन का इस्तेमाल किया होगा तो आपने भी पाया होगा कि इन अलग-अलग दिखने वाले फोन में फिचर और केमरे की क्वालिटि लगभग एक जैसी होती है चाहे फिर कैमरा अलग-अलग पिक्सल का हो या दो या चार केमरे वाला फोन हो। 

नए-नए मॉडल के कई सारे फोन मार्केट में निकालकर कंपनी ग्राहको को भ्रमित करने की कोशिश करती है ताकि जब कोई ग्राहक मोबाइल फोन खरीदने मोबाइल की दुकान पर जाए और दुकानदार उसे 10 अलग-अलग मोडल के फोन दिखाए तो उस ग्राहक को 10 में से 8 मोबाइल फोन xiaomi कंपनी के नजर आए ताकि xiaomi  कंपनी द्वारा बनाए गए मोबाइल फोन को खरीदने की संभावना ज्यादा अधिक हो। एक आम व्यक्ति जो मोबाइल के बारे में इतनी जानकारी नहीं रखता उसे तो यह समझ तक नहीं आता कि कौनसा फोन किस कंपनी द्वारा बनाया गया है ना ही इससे उसे कोई फर्क पड़ता है। बाहर से ये फोन बिलकुल एक दुसरे से अलग और आकर्षित दिखने से ग्राहक भी अपने आप को ऐसे फोन खरीदने से रोक नहीं पाता या इन फोन को ही ज्यादा प्राथमिकता देतो है। ज्यादा जानकारी या फोन में रुची न रखने वाले ग्राहक को तो फोन के अंदर के फिचर की पड़ताल तक करने की जरुरत नहीं समझते जैसे फोन की रेम, स्टोरेज, फ्रंट या बैक केमरे का पिक्सल, स्क्रिन साइज, मोडल नाम आदि।

अब जाहिर सी बात है कि कोई अन्य मोबाइल फोन कंपनी जॅहा छः महिने में एक फोन लान्च करती है वही xiaomi जैसी कंपनी हर महिने में एक नया मोडल मार्केट में उतारती है तो मोबाइल बेचने वाले दुकानदारो के पास xiaomi  कंपनी के ही ज्यादातर मोबाइल फोन आएंगें और वही ज्यादा बिकेंगे इसी कारण xiaomi  जैसी कंपनीयो की खुद की मोबाइल सॉप होती है जँहा सिर्फ इसी कंपनी के मोबाइल फोन बिकते है क्योकि इस एक कंपनी के ही खुब सारे फोन मार्केट में आ चुके है तो ग्राहक के पास भी असंख्य आप्शन होते है। सीधा बात करे तो xiaomi  जैसी कंपनीयो की यही रणनीती है कि उनकी कंपनी द्वारा बानाए फोन ही ज्यादा से ज्यादा नजर आए ताकि ग्राहक कि उसी कंपनी के प्राडक्ट खरीदने की संभावना कई ज्यादा बढ़ जाए और ऐसा ही चाइना कि सभी कंपनीया भी करती है। 

एक जागरुक ग्राहक के लिए यही बेहतर है कि वह कोई भी सामान सिर्फ उसकी बाहरी सुंदरता को देखकर न खरीदे बल्कि उसकी अंदरुनी गुणवत्ता को भी अच्छी तरह जाँच ले।

written by : Ankit Gehlot

Presented by : Hindi Takniki

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