Artificial Intelligence Kya Hai ? Advantages & Disadvantages Of AI 2022

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Artificial Intelligence Kya Hai ? A Advantages & Disadvantages
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Artificial Intelligence Kya Hai ?

Artificial Intelligence इसके बारे में आपने जरूर सुना होगा और आजकल तो हम सभी स्मार्टफोन्स में गूगल मैप्स और गूगल असिस्टेंट जैसे सॉफ्टवर्स के रूप में इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं।

इस पूरे ब्रह्मांड में मनुष्य ही एक ऐसा जीव है जिसे ईश्वर ने दिमाग देने के साथ उसको सही तरीके से उपयोग करने की कुशलता भी प्रदान की है।

मनुष्य अपनी बुद्धि और कुशलता से आज कहां से कहां पहुंच गया है। अपने इस बुद्धि के बल पर इन इंसानो ने कंप्यूटर इंटरनेट स्मार्टफोन्स जैसे और भी कई सारे आविष्कार किए है। जिसकी वजह से हम मनुष्यों की जिंदगी को एक नई दिशा मिली है।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इंसान ने इतना विकास कर लिया है कि अब इसी तरह, एक आदमी जो सोचता है और अपने दिमाग का उपयोग करता है, एक चलने वाली मशीन बनाने की सोच रहा है, जिसमें एक इंसान के रूप में कार्य करने की क्षमता है। उस एडवांस टेक्नोलॉजी से बनने वाली मशीन को ही Artificial Intelligence कहा जाता है।

इसके बारे में लोगों को ज्यादा कुछ नहीं पता इसलिए आज हम आपके लिए Artificial Intelligence से जुड़ी खास जानकारी लेकर आए है, जिसमें आपको यह आई क्या है इसका इस्तेमाल कहां किया जाएगा और इसके क्या फायदे और नुकसान है। इन सभी के बारे में बताएंगे तो सबसे पहले हम जानेंगे कि Artificial Intelligence होता क्या है।

Artificial Intelligence Meaning In Hindi

Artificial Intelligence जिसे हिंदी में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहा जाता है। यहां कृत्रिम का मतलब है कि किसी व्यक्ति के द्वारा बनाया हुआ और बुद्धिमता का मतलब है इंटेलिजेंस यानी सोचने की शक्ति यानी कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो ऐसी मशीन को विकसित कर रही है जो इन्सान की तरह सोच सके और कार्य कर सके। जब हम किसी कंप्यूटर को इस तरह तैयार करते हैं कि वह मनुष्य की अक्लमंदी की तरह कार्य कर सके तो उसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कहते हैं। अर्थात जब हम किसी मशीन में इस तरह के प्रोग्राम सेट करते है कि वह एक मनुष्य की भांति कार्य कर सके। उसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कहा जाता है।

ये जो इंटेलिजेंस की ताकत होती है, यह हम मनुष्य के अंदर अपने आप बढ़ती है। कुछ देखकर, कुछ सुन कर, कुछ छू कर, कि हम यह सोच सकते हैं कि उस चीज़ के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए।

ठीक उसी तरह से कंप्यूटर यंत्र के अंदर भी एक तरह का इंटेलिजेंस डेवेलोप कराया जाता है, जिसके जरिए कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है जो उन्हीं तर्कों के आधार पर चलता है, जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क काम करता है।

कंप्यूटर साइंस के कुछ वैज्ञानिकों ने AI (Artificial Intelligence) की परिकल्पना दुनिया के सामने रखी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि एआई कंसेप्ट के द्वारा एक ऐसा कंप्यूटर कंट्रोल्ड मशीन या ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित करने की योजना है जो मानव मस्तिष्क की तरह सोच सकते हैं। मनुष्य चाहते हैं कि कंप्यूटर उनके दिमाग के बजाय विचारों का विश्लेषण और उन्हें याद रखें।

इसीलिए Artificial Intelligence की प्रगति पर जोर दिया जा रहा है। कंप्यूटर साइंस में एआई को मशीन लर्निंग के नाम से भी जाना जाता है। मशीन लर्निंग का एक हिस्सा है। ये सिस्टम को अपने अनुभव से अपने आप ही सीखने और खुद को दूर करने की क्षमता रखता है और इसमें प्राथमिक महत्व कंप्यूटर्स को खुद से इंसान के बिना ही सीखने के लिए अनुमति देना होता है। मशीन लर्निंग कंप्यूटर प्रोग्राम की डेवलपमेंट पर फोकस करता है जो डेटा को एक्सेस कर सके और उसने अपने आप सीख सके। जिस तरह मनुष्य अपने अनुभव से अपनी क्षमता को बेहतर करते हैं, ठीक उसी तरह AI Program भी है जिसके जरिए मशीन भी सीखने का काम कर सकती है। आज के समय में एआई और मशीन लर्निंग के लिए सबसे ज्यादा पायदान प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जा रहा है।

Artificial Intelligence History

चलिए अब हम जानेंगे कि AI की शुरुआत किसने की जब इनसान कंप्यूटर सिस्टम की असली ताकत की खोज कर रहा था। तब मनुष्य के दिमाग में उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या एक मशीन भी इंसानों की तरह सोच सकती है। इसी सवाल से Artificial Intelligence के विकास की शुरुआत हुई, जिसके पीछे केवल एक ही उद्देश्य था कि एक ऐसा बुद्धिमान मशीन की संरचना की जाए जो कि इंसानों की तरह ही बुद्धिमान हो और उनकी तरह ही सोचने समझने और सीखने की क्षमता रखता हो।

1995 में सबसे पहले John MAcarthi ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस शब्द का इस्तेमाल किया था। वह एक अमेरिकन कंप्यूटर साइंटिस्ट थे जिन्होंने सबसे पहले इस टेक्नोलॉजी के बारे में सन् 1956 में एक कॉन्फ्रेंस में बताया था। इसीलिए उन्हें फादर ऑफ आर्टिफिशल इंटेलिजेंस भी कहा जाता है।

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कोई नया विषय नहीं है। दशकों से दुनिया भर में इस पर चर्चा होती रही है। मैट्रिक्स, रोबॉट, Terminator, ब्लेड रनर जैसी फिल्मो का आधार आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का ही है। जहां रोबोट का स्वरूप दिखाया गया कि कैसे वह इंसानों की तरह सोचता है और काम करता है

अब हम जानेंगे कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का उपयोग कहां किया जाता है। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की लोकप्रियता बड़े ही जोरों शोरों से बढती चली जा रही है और आज यह एक ऐसा विषय बन गया है, जिसकी टेक्नोलॉजी और बिजनेस के क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है। कई विशेषज्ञों और इंडस्ट्री एनालिसिस्ट का मानना है कि AI या मशीन लर्निंग हमारा भविष्य है, लेकिन अगर हम अपने चारों तरफ देखें तो हम पाएंगे कि ये हमारा भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान है।

टेक्नोलॉजी के विकास के साथ आज हम किसी न किसी तरीके से AI से जुड़े हुए हैं और इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। हाल ही में कई कंपनियों ने मशीन लर्निंग पर काफी निवेश किया। इसके कारण कई AI Products और Apps हमारे लिए उपलब्ध हुए।

Artificial Intelligence Examples

तो चलिए आज हम आपको अभी के समय में उपलब्ध होने वाले कुछ यूआई के उदाहरण देते हैं।

1) आपने एप्पल फोन तो देखा ही होगा। इसकी सबसे लोकप्रिय पर्सनल असिस्टेंट Siri के बारे में भी जरूर सुना होगा। सीरी AI का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। इससे आप वह सारी चीजें करवा सकते हैं, जो आप पहले इंटरनेट में टाइप करके किया करते थे जैसे मैसेज सेंड करना, इंटरनेट से इन्फर्मेशन ढूंढना कोई एप्लीकेशन ओपन करना, टाइमर सेट करना, अलार्म लगाना इत्यादि जैसे सभी काम आप मोबाइल को बिना हाथ लगाए सीडी से कैसे कह कर करवा सकते हैं।

सीरी आपकी भाषा और सवालों को समझने के लिए Machine Learning Technology का प्रयोग करती है। हालांकि यह सिर्फ आईफोन और आईपैड में ही उपलब्ध है। इसी तरह एलेक्सा डिवाइस विंडोज का कोर्टाना और एंड्रॉयड फोन की पर्सनल असिस्टेंट गूगल असिस्टेंट है जो कि सीरी की तरह काम करने के लिए प्रयोग की जाती है।

2) गूगल अपने कई क्षेत्रों में इंडिया का इस्तेमाल करता है, लेकिन गूगल मैप्स में यह टेक्नोलॉजी का अच्छा इस्तेमाल हुआ है। गूगल मैप्स हमारी लोकेशन को ट्रैक करती है और हमें सही रास्ता बताने के लिए यूपीआई इनेबल्ड मैपिंग का भी इस्तेमाल करती है और हमें सही रूट बताने में मदद करती है।

3) लोकप्रिय ई कॉमर्स वेबसाइट अमेजॉन ने भी एक ऐसा रिवोल्यूशनरी प्रोडक्ट लॉन्च किया है, जिसका नाम है इको ये आपके सवालों के जवाब दे सकता है। आपके लिए Audio Book पढ़ सकता है। आपका ट्रैफिक का हाल और वेदर रिपोर्ट बता सकता है। किसी भी स्पोर्ट का स्कोर और शेड्यूल भी बता सकता है।

4) AI का इस्तेमाल सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं बल्कि ऑटोमोबाइल्स के क्षेत्र में भी इसका बहुत ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। अगर आप कार पसंद करते हैं तो आपको टेस्ला कार की जानकारी जरूर होगी। यह कार अब तक उपलब्ध सबसे बेहतरीन ऑटोमोबाइल्स में से एक है।

Tesla कार से जुड़ने के बाद इसमें सेल्फ ड्राइविंग जैसे फीचर्स उपलब्ध है। ऐसे ही न जाने कितनी सेल्फ ड्राइविंग कार और बन रही है जो आने वाले वक्त में भी और स्मार्ट हो जाएगी।

5) AI का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में भी खूब जोरों से हो रहा है। पहले जिस काम को करने के लिए सैकड़ों लोग लेते थे, वही आज मशीन की मदद से वही काम बहुत जल्दी और बेहतर किया जा रहा है।

6) हमें वीडियो गेम्स में भी इंडिया की झलक मिलती है। जैसे कई सारी गेम्स में आपको कंप्यूटर से खेलना होता है जैसे चेस और लूडो इन सबके अलावा एक का इस्तेमाल स्पीच रेकग्निशन, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स, फाइनेंस, वेदर फोरकास्टिंग, हेल्थ इंडस्ट्री और एविएशन भी होता है।

Artificial Intelligence Advantages

आइए, दोस्तों अब हम जानेंगे कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के क्या फायदे हैं?

  1. AI एरर को कम करने में हमारी मदद करता है और अधिक एक्यूरेसी के साथ सटीकता हासिल करने की संभावना बढ़ जाती है।
  2. AI का उपयोग करने से तेजी से निर्णय लेने और जल्दी से कार्य करने में सहायता मिलती है।
  3. मनुष्यों के विपरीत मशीन को लगातार आराम और रिफ्रेशमेंट की आवश्यकता नहीं होती। वह लंबे समय तक काम करने के काबिल होते हैं और न तो उठते हैं न विचलित होते हैं और नहीं थकते।

यानी की मदद से संचार, रक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और कृषि आदि क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आ सकता है

Artificial Intelligence Disadvantages

दोस्तों अब हम जानेंगे कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के क्या नुकसान है

  1. आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के लाभ अभी बहुत स्पष्ट नहीं, लेकिन इसके खतरों को लेकर कहा जा सकता है कि गया के आने से सबसे बड़ा नुकसान मनुष्य का ही होगा।
  2. यानी मनुष्यों के स्थान पर काम करेगी और मशीनें स्वयं ही निर्णय लेने लगेगी और उन पर नियंत्रण भी किया गया तो इससे मनुष्य के लिए खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।
  3. विशेषज्ञों का कहना है कि सोचने समझने वाले रोबोट अगर किसी कारण या परिस्थिति में मनुष्य को अपना दुश्मन मानने लगे तो मानवता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
  4. Artificial Intelligence के निर्माण के लिए भारी लागत की आवश्यकता होती है क्योंकि यह बहुत ही कॉम्प्लेक्स मशीन होती हैं। उनकी मरम्मत और रखरखाव के लिए भारी लागत की आवश्यकता होती है।
  5. इसमें कोई शक नहीं है कि AI कई सारी नौकरियों को मनुष्यों से छीन रही है, जिसमें भविष्य में बेरोजगारी की समस्या और भी बढ़ने वाली है।

Google के C.E.O सुंदर पिचाई का कहना है कि मानवता के फायदे के लिए हमनेआग और बिजली का इस्तेमाल तो करना सीख लिया है पर इसके बुरे पहलुओं से उबारना जरूरी है।

इसी तरह, Artificial Intelligence एक ऐसी तकनीक है और हम इसका इस्तेमाल कई क्षेत्रों में अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। लेकिन सच ये भी है कि अगर इसके जोखिम से बचने का तरीका नहीं ढूंढा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं क्योंकि तमाम लाभों के बावजूद Artificial Intelligenceके अपने खतरे हैं आपको क्या लगता है कि Artificial Intelligence के आगमन से हमें भविष्य में क्या फायदा होगा या इंसानों पर क्या असर पड़ेगा? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं।

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